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Arjun S.Bisht
I enjoy reading and writing. My favorite genres are Children, Drama, Fantasy, Folklore, Inspiration, Love, Mythology, Film Scripts, Social Commentary, Travelogue. I have been a part of the Kahaniya community since 26th September 2020.
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Arjun S.Bisht
सिमोली
कहानी बहादुर बच्चे की
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तब वो सुरपिता से बोला - क्या ये सब कुछ सुरपिता का है। सुरपिता बोली - हाँ ये सब उसी का है , अब जों सामने दरवाजा दिख रहा है , उससे अंदर चले जाओ , वहाँ तुम्हें सुरपिता मिल जायेगी। सिमोली बोला - क्या तुम नही आओगी। सुरपिता बोली - नही बच्चे , वहाँ तुम्हें अकेले जाना होगा , क्योंकि वहाँ मैं नही जा सकती। सिमोली बोला - ठीक है , मैं अकेले ही चला जाऊँगा , ओर वो चल पडता है , सामने बहुत बड़ा दरवाजा था। उसे देखकर सिमोली सोचने लगा , इतने बडे दरवाजे को मैं खोलूँगा कैसे ? ? वो पीछे मुड़ कर देखता है तो , उसे यहाँ तक लाने वाली औरत भी गायब मिलती है। पर जैसे ही सिमोली दरवाजे को धक्का देने की कोशिश की , दरवाजा चर्र चर्र की आवाज के साथ अपने आप खुलने लगता है। सिमोली ने देखा , सामने बड़ा सारा कक्ष था , पर सिमोली को वहाँ कोई नही दिखता , तभी उसे एक आवाज सुनाई देती है। आओ सिमोली आओ , सामने जों छोटा दरवाजा है ना , उसमें से अंदर चले आओ। सिमोली ने इधर उधर देखा , पर उसे आवाज देने वाला नजर नही आता , सिमोली हैरत में पड़ गया की आख़िर आवाज कहाँ से आ रही है ओर आवाज देने वाला मेरा नाम कैसे जानता है , फिर सिमोली आगे बढ़ता है ओर ये छोटा दरवाजा भी अपने आप खुल जाता है , ओर सिमोली उसके अंदर चला जाता है।....क्रमशः

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